जबलपुर | 14 मई 2025 — मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को BJP नेता और राज्य मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज करने का निर्देश दिया, जिन्होंने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को “आतंकवादियों की बहन” कह कर संबोधित किया था। कोर्ट ने इस टिप्पणी को “अपमानजनक, खतरनाक और गटर जैसी भाषा” बताया, जो केवल एक अधिकारी को नहीं बल्कि संपूर्ण सशस्त्र बलों की गरिमा को ठेस पहुंचाती है।
न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने पाया कि मंत्री की इस टिप्पणी से भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई धाराओं के अंतर्गत अपराध बनता है:
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धारा 152 BNS – भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्य के लिए।
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धारा 196(1)(b) BNS – धार्मिक समूहों के बीच वैमनस्य और अशांति फैलाने के लिए।
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धारा 197 BNS – किसी समुदाय के विरुद्ध घृणा या दुश्मनी फैलाने वाले वक्तव्य देने के लिए।
“गटर की भाषा”
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा:
“भारतीय सशस्त्र बल इस देश की अंतिम ऐसी संस्था है जो ईमानदारी, समर्पण और अनुशासन का प्रतीक है। मंत्री की भाषा न केवल एक अधिकारी को बल्कि पूरी संस्था को नीचा दिखाने वाली है।”
पुलिस महानिदेशक को तत्काल कार्रवाई का आदेश
कोर्ट ने मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को आदेश दिया कि वे मंगलवार शाम तक FIR दर्ज करें, अन्यथा Contempt of Court के तहत कार्रवाई की जाएगी। जब महाधिवक्ता (AG) ने इस आदेश को लागू करने के लिए समय मांगा, तो कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“अभी दर्ज कीजिए… क्या पता कल हम जीवित रहें या नहीं… या तो सुप्रीम कोर्ट इस आदेश पर रोक लगाए या फिर कल तक पालन हो जाना चाहिए।”
कोर्ट ने यह भी कहा कि मंत्री के वक्तव्य का वीडियो लिंक यूट्यूब से प्राप्त कर आदेश का हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे यह साबित हो सके कि मंत्री ने वास्तव में क्या कहा।
धार्मिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता पर खतरा
कोर्ट ने टिप्पणी की कि:
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इस तरह की टिप्पणियाँ धार्मिक विद्वेष को बढ़ावा देती हैं।
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इससे यह गलत संदेश जाता है कि धर्म के आधार पर किसी की देशभक्ति पर सवाल उठाया जा सकता है।
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कर्नल कुरैशी को मुस्लिम होने के कारण निशाना बनाया गया, जो पूरी तरह असंवैधानिक है।
पृष्ठभूमि
कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई “ऑपरेशन सिंदूर” की आधिकारिक प्रवक्ता थीं और उन्होंने प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से देश को सैन्य प्रगति से अवगत कराया था। विजय शाह ने एक जनसभा में कहा:
“जिन्होंने हमारी बेटियों के सिंदूर उजाड़े थे… हमने उन्हीं की बहन को भेजकर उनकी ऐसी की तैसी करवाई।”
इस मामले की अगली सुनवाई कल होगी।








