संक्षेप: दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्णय दिया है कि भारतीय मुद्रा (रुपया/नकद) को FERA (Foreign Exchange Regulation Act) के दायरे में आकर जब्त किया जा सकता है। यह आदेश एक Enforcement Directorate (ED) द्वारा दायर मामले में सुनाया गया। अदालत ने कहा कि यदि मामले का विषय विदेशी विनिमय या उससे संबंधित लेन-देन है तो भारतीय मुद्रा पर भी FERA लागू होकर जब्ती की कार्रवाई संभव है।
मामले का विवरण: इस मुकदमे में ED का कहना था कि संदिग्ध और विदेशी लेन-देनों की जांच के सिलसिले में नगद जब्त करना आवश्यक है। प्रतिवादी पक्ष का तर्क था कि FERA का दायरा केवल विदेशी मुद्रा तक सीमित है और भारतीय रुपए पर लागू नहीं होता। हाई कोर्ट ने यह दलील खारिज कर दी और कहा कि कानून की व्याख्या उद्देश्यपरक हो सकती है, इसलिए ऐसे हालात में भारतीय मुद्रा भी FERA के तहत शामिल मानी जा सकती है।
निहितार्थ:
जांच एजेंसियों को नकद/भारतीय मुद्रा जब्त करने के व्यापक अधिकार मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
नकद लेन-देने वाले व्यक्ति और व्यवसायों को सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि कानूनी जोखिम और चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं I








