प्रयागराज, 14 मई 2025 — इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पुराने लंबित मामलों की प्रभावी सुनवाई के उद्देश्य से वर्ष 2025 के दौरान 12 शनिवारों को कार्यदिवस घोषित करने के प्रस्ताव पर विचार करते हुए संबंधित बार एसोसिएशनों से सुझाव और राय आमंत्रित की है ।
यह कदम न्यायिक प्रक्रिया में लंबित मामलों की भारी संख्या को कम करने की दिशा में एक प्रभावी समाधान के रूप में देखा जा रहा है। उच्च न्यायालय प्रशासन ने इस प्रस्ताव के संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, अवध बार एसोसिएशन, तथा अन्य संबद्ध अधिवक्ता संघों से विस्तृत सुझाव प्रस्तुत करने को कहा है ताकि निर्णय लेने से पहले सभी हितधारकों की राय को शामिल किया जा सके।
न्यायिक कार्यवाही में तेजी लाने का प्रयास
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में मामलों की लंबित संख्या देश के अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है। ऐसे में अतिरिक्त कार्यदिवस निर्धारित करना न्यायिक बोझ को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, वर्ष 2025 के दौरान हर माह एक शनिवार को नियमित कार्यदिवस के रूप में घोषित किया जा सकता है, जिसमें केवल पुराने मामलों की सुनवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि मामलों की निष्पत्ति में देरी ना हो और न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया तेज हो सके।








